भारत में डिजिटल पेमेंट्स आज हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। UPI (Unified Payments Interface) की मदद से करोड़ों लोग Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे ऐप से मिनटों में पैसे भेजते और रिसीव करते हैं। लेकिन 18 जनवरी 2026 से UPI के नियमों में कई बड़े बदलाव लागू हो चुके हैं, जिनका असर हर यूज़र पर पड़ेगा। ये नए नियम नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और RBI की सुरक्षा, गति और पारदर्शिता बढ़ाने की पॉलिसी का हिस्सा हैं।
क्या हैं UPI के नए नियम? (20 Jan 2026 से लागू)
UPI Number का परिचय – Mobile नंबर नहीं, Unique UPI Number
अब UPI ID सिर्फ मोबाइल नंबर पर आधारित नहीं होगी।
NPCI ने Custom UPI Number की सुविधा शुरू की है, जिसका मतलब है कि आप अपना खुद का 8–10 अंकों वाला UPI नंबर चुन सकते हैं। यह नंबर आपके पेमेंट एड्रेस के रूप में काम करेगा — जैसे कि 12345678@upi — जो याद रखने में आसान होगा और प्राइवेसी बेहतर करेगा।
फायदे
मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना पड़ेगा
प्राइवेसी बढ़ेगी
QR कोड या पेमेंट एंट्री आसान होगी
2. P2P “Collect Request” हटाई गयी
पहले हम दूसरों से पैसे माँगने के लिए “Collect Request” फीचर यूज़ करते थे। जैसे किसी दोस्त से ख़र्च साझा करना या बिल बाँटना। लेकिन इस फीचर को NPCI ने October 2025 से हटा दिया है ताकि फ्रॉड और धोखाधड़ी को रोका जा सके।
अब आप सिर्फ पेमेंट भेज सकते हैं, लेकिन किसी से पैसे हेतु request नहीं भेज सकते।
इसका असर.किसी से पैसे माँगने के लिए QR Scan & Pay करना ज़रूरी होगा.“Request Money” जैसे नॉटिफिकेशन अब नहीं आएँगे
3. Balance Check लिमिट और सुरक्षित टूल्स
NPCI ने UPI की परफॉर्मेंस और नेटवर्क की स्थिरता बढ़ाने के लिए कुछ तकनीकी सीमाएँ लगाईं हैं:
रोज़ाना Balance Check की लिमिट: केवल 50 बार
इससे नेटवर्क पर अनावश्यक लोड कम होगा
Transaction Status Check
एक ही transaction की स्थिति 3 बार ही देखी जा सकती है
हर प्रयास के बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतर होना ज़रूरी है
4. Auto-Debit / Auto-Pay Time Regulations
अगर आप SUBSCRIPTIONS, SIP EMIs, या EMIs जैसी सेवाओं के लिए auto-debit सेट करते हैं — तो इन ट्रांज़ैक्शनों को अब off-peak hours में ही प्रोसेस किया जाएगा। इससे पीक टाइम पर नेटवर्क में भीड़ कम होगी और लेन-देन वज़न कम रहेगा।
5. Payee (Receiver) का असली नाम दिखेगा
UPI अब पेमेंट से पहले रिसीवर का बैंक रजिस्टर्ड नाम दिखाएगा। इससे फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी और गलती से पैसे गलत अकाउंट में ट्रांसफर होने की आशंका घटेगी।
Google Pay, PhonePe & Paytm यूज़र्स पर असर
Google Pay
आपको UPI Number लेने का विकल्प मिलेगा
Collect Requests Feature पहले ही हटाया जा चुका है
ट्रांज़ैक्शन्स और बैलेंस चेक लिमिट का पालन करना पड़ेगा
PhonePe
Auto-pay और recurring payments के नियम प्रभावी होंगे
App में Payee नाम दिखने से सुरक्षा बढ़ेगी
Balance check और status query लिमिट लागू होगा
Paytm
Paytm UPI यूज़ करने वालों को भी वही नियम फॉलो करने होंगे
Paytm Pay UPI सेवाओं में कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं है
Custom UPI Number सेट किया जा सकता है
सभी तीनों प्लेटफॉर्म पर बदलाव समान हैं, क्योंकि ये नियम NPCI के सभी UPI ऐप्स पर लागू होते हैं।
UPI सुरक्षा क्यों बढ़ाई जा रही है?
UPI के जरिए हर रोज़ अरबों रुपये के ट्रांज़ैक्शन होते हैं।
NPCI और RBI चाहते हैं कि नेटवर्क तेज बने फ्रॉड और स्कैम कम होगलती से पैसे गलत अकाउंट में न जाएँ
डिजिटल पेमेंट सिस्टम सुरक्षित रहेइसीलिए कई पुराने फीचर्स जैसे Collect Request हटाए गए और नई सिक्योरिटी लेयर्स लागू की गई हैं।